Home » छत्तीसगढ़ में ‘बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ शुरू, 28 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को मिलेगी 757 करोड़ की राहत

छत्तीसगढ़ में ‘बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ शुरू, 28 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को मिलेगी 757 करोड़ की राहत

प्रदेश के 28 लाख 42 हजार बिजली उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत दी जाएगी।

by Nishanebaaj
0 comments

रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर योजना के लाभार्थी उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में योजना का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख 42 हजार बिजली उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत दी जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज बिजली हमारी मूलभूत आवश्यकताओं में शामिल हो चुकी है। कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण लोग समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ती जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

उन्होंने बताया कि यह योजना विशेष रूप से उन निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं के लिए है, जो लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए हैं। योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को अधिभार में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी।

banner

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2,931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी भी उनके खातों में अंतरित की। उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि तेजी से बढ़ रही है और अब तक लगभग 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों और प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने नागरिकों से बिजली की बचत करने और अनावश्यक उपयोग से बचने की भी अपील की।

यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी और पंजीयन के समय उपभोक्ताओं को बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि किस्तों में जमा की जा सकेगी।

You may also like