रायपुर, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में मेघालय की युवा एथलीट बेथलीन ग्रेस माकरी ने रेस-वॉक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपने संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल पेश की है। खास बात यह है कि उन्होंने जनवरी 2026 में ही इस खेल की शुरुआत की थी और कुछ ही महीनों में राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल कर लिया।
शिलांग की रहने वाली बेथलीन पहले मिडिल और लॉन्ग-डिस्टेंस रनर थीं, लेकिन उनके कोच ने उनमें रेस-वॉक की क्षमता देखी और उन्हें इस नए इवेंट में उतरने की सलाह दी। शुरुआत उनके लिए बेहद कठिन रही। रेस-वॉक की तकनीक दौड़ से पूरी तरह अलग होती है, जिसके कारण उन्हें शारीरिक दर्द, थकान और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा।
बेथलीन ने बताया कि शुरुआती दो हफ्ते उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण थे। नई तकनीक सीखने के दौरान कई रातें बिना नींद के गुजरीं और आत्म-संदेह भी पैदा हुआ। हालांकि, उनके कोच और परिवार के लगातार समर्थन ने उन्हें हार नहीं मानने दी। उन्होंने पूरी मेहनत और समर्पण के साथ खुद को इस खेल में ढाल लिया।
उनकी मेहनत का परिणाम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में देखने को मिला, जहां उन्होंने महिलाओं की रेस-वॉक स्पर्धा में 1:05:18 का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में झारखंड की नेहा ज़ालक्सो और ओडिशा की एलीश एक्का क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहीं।
पदक जीतने के बाद बेथलीन ने इसका श्रेय अपने कोच और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके विश्वास और कड़ी मेहनत का परिणाम है और इससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है।
शिलांग कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा बेथलीन अब मेघालय की पहली रेस वॉकर बन गई हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी यह सफलता राज्य के अन्य युवाओं को भी इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
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