रायपुर, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खनिज, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सघन अभियान चलाते हुए लगभग 6 टन 61 किलो अवैध कोयला जब्त किया। यह कार्रवाई शनिवार सुबह से शुरू हुई और पूरे क्षेत्र में एक साथ छापेमारी की गई।
टास्क फोर्स के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में एसडीएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने अवैध रूप से बनाई गई सुरंगों में घुसकर जांच की और उन्हें ध्वस्त किया। मौके से करीब 150 बोरी कोयले के अलावा फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, पाइप और बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी बरामद किए गए। इन उपकरणों की बरामदगी से स्पष्ट होता है कि अवैध खनन सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
प्रशासन ने इस मामले में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने बताया कि देवखोल क्षेत्र में पहले भी अवैध खदानों को ब्लास्ट कर बंद किया जा चुका है और एसईसीएल के माध्यम से सुरंगों को सील किया जाता रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग इन्हें दोबारा खोलकर अवैध उत्खनन में जुट जाते हैं। हाल ही में पटना पुलिस ने भी 3 टन से अधिक कोयला जब्त कर मामला दर्ज किया था।
जिला प्रशासन ने अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी और अभियान चलाने की बात कही है। साथ ही ग्रामीणों को वैकल्पिक आजीविका उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। वी-बीजी रामजी योजना के तहत क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं, जिसमें भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण और तालाब गहरीकरण जैसे कार्य शामिल हैं।
कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जोखिमपूर्ण और अवैध खनन गतिविधियों से दूर रहें तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं।
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