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सुकमा के आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने JEE Advanced में रचा इतिहास, IIT की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगा जिला प्रशासन

एक साधारण किसान परिवार से आने वाले रोशन ने सफलता प्राप्त कर साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

by News Desk
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किसान परिवार के बेटे ने हासिल की ऑल इंडिया स्तर पर सफलता, कलेक्टर ने उच्च शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की

रायपुर, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और सुदूर वनांचल जिले सुकमा से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है। झापरा क्षेत्र के आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Advanced 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कैटेगरी रैंक 634 हासिल की है। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच मिली इस उपलब्धि ने न केवल सुकमा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।

एक साधारण किसान परिवार से आने वाले रोशन ने पहले ही प्रयास में यह सफलता प्राप्त कर साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता से क्षेत्र के विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।

जिला प्रशासन ने बढ़ाया सहयोग का हाथ

बारसे रोशन की इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने विशेष सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया। तुंगल डैम में आयोजित समारोह में कलेक्टर अमित कुमार ने रोशन को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि रोशन की IIT शिक्षा में आर्थिक बाधा नहीं आने दी जाएगी और उनकी उच्च शिक्षा का पूरा खर्च जिला प्रशासन वहन करेगा।

क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट बना सफलता का आधार

रोशन की सफलता के पीछे जिला प्रशासन द्वारा संचालित क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत CEO मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित यह संस्थान आदिवासी और ग्रामीण विद्यार्थियों को IIT, JEE और मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करता है।

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जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी, नोडल अधिकारी आशीष राम, संस्थान प्रबंधक सूरज सिंह तथा शिक्षकों की टीम ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देकर इस सफलता की नींव रखी।

परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण

खेती-किसानी से परिवार का पालन-पोषण करने वाले रोशन के माता-पिता के लिए यह उपलब्धि भावुक कर देने वाला क्षण रही। बेटे की सफलता और जिला प्रशासन के सहयोग की घोषणा सुनकर उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे।

बारसे रोशन की कहानी आज उन हजारों ग्रामीण और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।

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